Bharat Ratna 2019, भारत रत्न 2019, Bharat ratna list

Bharat Ratna 2019, भारत रत्न 2019, Bharat ratna list 2019, bharat 2019

भारत रत्न : दोस्तों आज हम भारत के रत्नो (Bharat ratna) के बारे में बात करेंगे और साल 2019 में किन किन भारतीयों को इस Award से सम्मानित किया गया है, तो आज की हमारी कुछ मैन topic है Bharat ratna 2019, Bharat ratna, Bharat ratna award 2019, bharat 2019, bharath आशा है आपको यह information पसंद आएगी.

bharat ratna list

Bharat ratna 2019 Award winner Useful to current Affairs

राष्ट्रपति भवन ने 25 जनवरी 2019 को पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रसिद्ध संगीतकार भूपेन हजारिका और नाना जी देशमुख को भारत के सर्वोच्या नागरिक सम्मान Bharat ratna से सम्मानित किये जाने की घोसना की गयी.

Bharat ratna award list & bharat ratna list All

सरकारी ने चार वर्ष बाद भारत रत्न सम्मान की घोसना की है इससे पहले वर्ष 2015 में पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय ( मरणोपरांत )को यह सम्मान दिया गया था
20 वर्ष बाद यह पहला अवसर है जब दो से अधिक लोगो को यह सम्मान दिया गया है . इससे पहले साल 1999 में जयप्रकाश नारायण, पंडित रविशंकर, डॉ अमर्त्य सेन और गोपीनाथ बारदोलोई को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

प्रणब मुखर्जी भारत के तीसरे पूर्व राष्ट्रपति हैं जिन्हे भारत रत्न से सम्मानित किया गया है इनसे पहले विवि गिरी 1975 और डॉ राजेंद्र प्रसाद 1962 को यह सम्मान प्राप्त कर चुके हैं. इसके अलावा भारत रत्न से सम्मानित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम 1997 जाकिर हुसैन 1962 और सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी भारत के राष्ट्रपति रह चुके है लेकिन इन्हे राष्ट्रपति बनने से पहले ही ‘भारत रत्न’ सम्मान मिल चूका था. नानाजी देशमुख, पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी के बाद आरएसएस से जुड़े दूसरे नेता है जीने भारत रत्न से सम्मानित किया गया है. इस वर्ष की घोसना के बाद भारत रत्न से सम्मानित विभूतियों की संख्या अब 48 हो गयी है.

Some Current Affairs 2019 Special Link For You to your competitive Exam Please Check It

Nanaji Deshmukh

मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किये गए समाज सेवी नानाजी देशमुख का पूरा नाम चंडिका दास अमृत राव देशमुख है. 11 October 1916 को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में काडोली नमक गांव में जन्मे नानाजी देशमुख के पिता का नाम अमृत राव देशमुख था.तथा माता का नाम राजा बाई अमृत राव देशमुख था. नानाजी देशमुख 12 साल की उम्र में संघ से जुड़े फिर जान संघ से राजनीती में आये नानाजी देशमुख को शिक्षा, स्वास्थ और ग्रामीण लोगों के बीच स्वावलम्बन हेतु किये गए कार्यों के लिए जाना जाता है, वो आपातकाल के विरुद्ध जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के भी प्रमुख शिल्पकार रहे ग्रामीण विकाश के छेत्रो में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा नानाजी देशमुख ने वर्ष १९५० में गोरखपुर में भारत के पहले सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की थी. नानाजी देशमुख ने दिन दयाल शोध संस्थान, ग्रामोदय विश्वविधालय और बाल जगत जैसे सामाजिक संगठनों की स्थापना भी की थी. विनोबा भावे के ‘भूदान आंदोलन’ में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले नानाजी देशमुख को वर्ष 1999 में पद्मा श्री से भी सम्मानित किया गया था.

Bhupen Hazarika

मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित भूपेन हज़ारिका असम के बहुमुखी प्रतिभाशाली व्यक्तित्व थे असामी भाषा के गीतकार, संगीतकार व फिल्म निर्माता भूपेन हज़ारिका का जन्म तिनसुकिया जिले के सादिया कसबे के 8 सितम्बर 1926 को हुआ था. वे ऐसे विलच्छन कलाकार थे जो अपने गीतों को खुद लिखते थे संगीतबध्य करते थे और खुद गाते थे उन्हें दक्षिण एशिया में श्रेष्ठतम सांस्कृतिक दूतो में से एक माना जाता है भूपेन हज़ारिका ने अपने असमिया भाषा के आलावा हिंदी,बंगाली सहित कई भारतीय भाषा में गायन किया है उन्होंने ने भारत की संगीत परम्परा को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बना भूपेन हज़ारिका को पद्मा श्री 1977 पद्मा भूषण 2001 पद्मा विभूषण 2012 (मरणोपरांत) संगीत नाटक अकादमी (1987) दादा साहेब फाल्के परुष्कार (1992) और असम रत्न (2009) सम्मान भी प्राप्त थे
उनके द्वारा निर्देशित फिल्म शकुंतला को वर्ष 1961 में सर्वश्रेष्ठ असमी फिल्म का राष्ट्रीय प्रुस्कार भी मिला था . असम में लोहित नदी (ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी) पर बनाये गए देश के सबसे लम्बे ढोल सादिया पुल का नामकरण हाल ही में भूपेन हज़ारिका के नाम पर किया गया है.

Source : study4Jobs Youtube Channel

Pranab Mukarji

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 December 1935 को बंगाल प्रेसीडेन्सी (British Bharat) के बीरभूम जिले के मिरति गांव में हुआ 5 दसक से अधिक राजनीतिक में सक्रिय रहे प्रणब मुखर्जी 2012 – 17 तक भारत के 13 वे president रहे राष्ट्रपति के आलावा प्रणब मुखर्जी केंद्रीय वित्त मंत्री (2009 – 12 व 1982 – 84) विदेश मंत्री (2006 – 09 व 1995 – 96) और रक्षा मंत्री (2004 – 06) भी रह चुके हैं
इसके आलावा वर्ष 1991 तत्कालीन योजना आयोग का प्रमुख्य भी बनाया गया था. 2012 में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के पूर्व वह केंद्र में वित्त मंत्री थे. पूर्व राष्ट्रपति the Dramatic Decade The Turbulent year और द कोलीजन ईयर नमक पुस्तक भी लिख चुके हैं. इनकी आत्मा कथा शृंखला की द कोलिजन ईयर नमक पुस्तक में राजनीतिक नजरिया प्रदान करने के साथ साथ कुछ दुर्लभ रहस्यों को भी बताया गया है प्रणब मुखर्जी को 2008 में पद्मा विभूषण(padma vibhushan) से भी सम्मानित किया गया था वर्ष 2018 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ एक कार्य क्रम को सम्बोधित कर आरएसएस के किसी कार्यक्रम में शामिल होने वाले पहले पूर्व राष्ट्रपति बने थे.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here